कोरोना वायरस : एनपीआर और जनगणना का कार्य अगले आदेश तक स्थगित

राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) के अपडेटेशन और 2021 के जनगणना के पहले चरण का कार्य तय समय-सारिणी पर नहीं शुरू होगा क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में कोरोना वायरस से निपटने के लिए 21 दिन की बंद की घोषणा की है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

सरकारी योजना के अनुसार एनपीआर के अपडेट करने और हाउस लिस्टिंग का काम 1 अप्रैल से  शुरू होकर 30 सितंबर तक पूरा होना था। जनगणना और एनपीआर के लिए 30 लाख फील्ड फंक्शनरीज की ट्रेनिंग भी शुरू हो गई थी लेकिन कोरोना से बचाव के कारण अधिकतर केंद्रों को बंद करना पड़ा। केंद्र दोबारा कब खुलेंगे, यह अभी तक सुनिश्चित नहीं है।

कोरोना के कारण एनपीआर और जनगणना पत्रों की छपाई भी प्रभावित हुई है. इसके लिए करीब 3 करोड़ फार्म छपने हैं। दूसरे चरण में जनगणना का काम 5 से 28 फरवरी 2021 तक और इसके रिवीजन का काम 1 से 5 मार्च 2021 तक होना है। केंद्र सरकार इस पूरी कवायद के लिए 8,754 करोड़ रुपए आवंटित कर चुकी है।

गृह मंत्रालय के एक अधिकारी  ने बताया कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए एनपीआर और जनगणना का कार्य अगले आदेश तक के लिए रोक दिया गया है।

बता दें कि कई राज्य सरकारें एनपीआर का विरोध कर रही हैं और कुछ विधानसभाओं ने इस पर आपत्तियां जताते हुए प्रस्ताव भी पारित किए हैं। एनपीआर का विरोध करने वाले राज्यों में केरल, पश्चिम बंगाल, पंजाब, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और बिहार शामिल हैं।

वहीं झारखंड भी 23 मार्च को राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) के खिलाफ विधानसभा में एक प्रस्ताव पारित किया। प्रस्ताव में केंद्र सरकार से मांग की गई है कि एनपीआर को साल 2010 के प्रारूप में लागू किया जाए।